नमस्कार!
हालचाल सब ठीक बा.
नवका तिउहार "साल के पहिला दिन" अब सब से बडका राष्ट्रीय दिन इहे हो जाई लगता. ई सबके अपनी अन्दर समाहित क लेई. खाली हैपी न्यू ईयर कहि दी रउरो खुस सुने वाला भी खुस . मोबाइल महराज आ यसयमयस से बडा आराम बा अधिकाधिक परिचित, हित नात , परिवार, मित्र सबके याद क लिहल जा. नवकी डायरी आ नवका कलेन्डर छोडिके, सब कुछ नवका दिने चलि जाता. शाकाहारी, मांसाहारी, फलाहारी, व्रतधारी सबके गुन्जाइस बा. विश्व भर के व्यंजन सब चिलि जाइ. सब पेय चली. घरे , सडक पर, होटल में, तीर्थस्थान पर जहां चाहे तहां मनाई. टीवी. रेडियो, मोबाइल, कम्पूटर सब चली.
मोदी आ मोबाइल की कृपा से अब हैपी न्यू ईयर कहला पर भाषण नईखे सुनेके मीलत.
जवन बीत गईल तवन बात गईल. ई नवका साल में संसद के चुनाव होखेवाला बा. सब पार्टी के जवान से बूढ ले, हरियर से उकठल ले सब नेता आ पार्टी जनता के गरियावता. भारत के जनता के कौनो ठेकान बा कब के के वोट दे दी. अब देखी दिल्ली में झाडू भी जीति गईल. घोर कलियुग आ गईल बा. बाकी चिन्ता के कौनो बाति नईखे. जब गांव में अईहें त पता चली.
जब गांव-गांव आआपा पर गलचौर होखे लागल त केजरीवालवा प्रधानमंत्री हो जाई का. लागल रही आ वोट की दलालन से सावधान रहिके हरि गांव में जो झंडा गाडि देई त कुछु हो सकेला. सब पईसा लुटा जाता. सब नोकरी बिका जाता.
जनता के का चाही. अच्छा सरकार. सबके योग्यता की अनुसार पढेके स्कूल. दवाई त गहना बिकवा देता. सबके दवाई सरकारी होखे लागे त खेत बान्हेम ना धराई.
बिना कामे कईले निकम्मा लोग तनखाह ना उठाईत. घूस की पईसा के चमक खतम हो जाईत त का कहे के रहल ह.
आजुकाल्हि के जवानन के का कहल जा बिना मेहनतिये के सब कुछु चाहताडे सन. सगरी बुढवा मिलि के जवानन के मूरख बनावताडे स. नोकरी की बाद पईसा की जोगाड में तिकडम करत रहतारे स. मुअला की दीने ले कुरसी से चिपकले रहतारे स.
चुनाव में टिकट बटाये लागी त सिटिंग गेटिग चलाके देश के आगे ना बढे दीहे स.
आआप यदि नवजवानन की शक्ति के सही दिशा की ओर मोडि देई त देश के जवानी देश की कामे आ सकेला नाही त बगुला भगत बनिके ई देश खा जईहे स.
नवका सालि निमने बीते.
कुछु नया खुशखबरी मिले.
फेरू भेंट होई.
नमस्कार!
हालचाल सब ठीक बा.
नवका तिउहार "साल के पहिला दिन" अब सब से बडका राष्ट्रीय दिन इहे हो जाई लगता. ई सबके अपनी अन्दर समाहित क लेई. खाली हैपी न्यू ईयर कहि दी रउरो खुस सुने वाला भी खुस . मोबाइल महराज आ यसयमयस से बडा आराम बा अधिकाधिक परिचित, हित नात , परिवार, मित्र सबके याद क लिहल जा. नवकी डायरी आ नवका कलेन्डर छोडिके, सब कुछ नवका दिने चलि जाता. शाकाहारी, मांसाहारी, फलाहारी, व्रतधारी सबके गुन्जाइस बा. विश्व भर के व्यंजन सब चिलि जाइ. सब पेय चली. घरे , सडक पर, होटल में, तीर्थस्थान पर जहां चाहे तहां मनाई. टीवी. रेडियो, मोबाइल, कम्पूटर सब चली.
मोदी आ मोबाइल की कृपा से अब हैपी न्यू ईयर कहला पर भाषण नईखे सुनेके मीलत.
जवन बीत गईल तवन बात गईल. ई नवका साल में संसद के चुनाव होखेवाला बा. सब पार्टी के जवान से बूढ ले, हरियर से उकठल ले सब नेता आ पार्टी जनता के गरियावता. भारत के जनता के कौनो ठेकान बा कब के के वोट दे दी. अब देखी दिल्ली में झाडू भी जीति गईल. घोर कलियुग आ गईल बा. बाकी चिन्ता के कौनो बाति नईखे. जब गांव में अईहें त पता चली.
जब गांव-गांव आआपा पर गलचौर होखे लागल त केजरीवालवा प्रधानमंत्री हो जाई का. लागल रही आ वोट की दलालन से सावधान रहिके हरि गांव में जो झंडा गाडि देई त कुछु हो सकेला. सब पईसा लुटा जाता. सब नोकरी बिका जाता.
जनता के का चाही. अच्छा सरकार. सबके योग्यता की अनुसार पढेके स्कूल. दवाई त गहना बिकवा देता. सबके दवाई सरकारी होखे लागे त खेत बान्हेम ना धराई.
बिना कामे कईले निकम्मा लोग तनखाह ना उठाईत. घूस की पईसा के चमक खतम हो जाईत त का कहे के रहल ह.
आजुकाल्हि के जवानन के का कहल जा बिना मेहनतिये के सब कुछु चाहताडे सन. सगरी बुढवा मिलि के जवानन के मूरख बनावताडे स. नोकरी की बाद पईसा की जोगाड में तिकडम करत रहतारे स. मुअला की दीने ले कुरसी से चिपकले रहतारे स.
चुनाव में टिकट बटाये लागी त सिटिंग गेटिग चलाके देश के आगे ना बढे दीहे स.
आआप यदि नवजवानन की शक्ति के सही दिशा की ओर मोडि देई त देश के जवानी देश की कामे आ सकेला नाही त बगुला भगत बनिके ई देश खा जईहे स.
नवका सालि निमने बीते.
कुछु नया खुशखबरी मिले.
फेरू भेंट होई.
नमस्कार!
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