गुरुवार, 8 मार्च 2018

महिला दिवस २०१८

नमस्कार,

हालचाल ठीके बा. २१ फरवरी से दमा की चपेट में रहलीं ह. अब ठीक होता. आज महाविद्यालय के व्हाट्स अप ग्रुप  में सूचना रहल ह कि आज राष्ट्रीय सेवा योजना की और से विश्व महिला दिवस मनावल जाई आ महाविद्यालय में कार्य रत डा. सरिता कुमारी की  कैंसर के  कारण असामयिक निधन पर श्रद्धांजलि दीहल जाई. हमहूँ कालेज चली गउइं.

सरिता जी के श्रद्धा सुमन अर्पित कईल गौउवे. सब लोग उनकी व्यक्तित्व की विशेषता के चर्चा करुये. आर्थिक रूप से उच्च स्तर के होखले के बावजूद यस. सी. से महिला के आयोग से प्रोफ़ेसर भइल अपने आप में बड़हन बाति रहे. जिज्ञासु स्वभाव के लोग अच्छा शिक्षक होला. हरदम कुछु जाने आ लिखेके कोशिश सरिता जी करत रहली. एक बेर कहली" दो महिलायें एक पुरुष को बेतरह चाहती हैं किन्तु दोनों मिलकर उस पुरुष की जिंदगी के नरक बना देली" (सास और बहू ).

आज महिला दिवस पर कारपोरेट की प्रचार की कारण सब महिला लोग के बधाई देता शुभकामना देता. उपहार देता. बाहर जाके बढ़िया खाना खा लेता. ट महिला दिवस पर कुछु कमाई बढ़ी जाई.भारत के पढ़ल लिखल लोग जौना में हमहूँ हइ. शाब्दिक अर्थ की हिसाब से सामान्य ज्ञान के प्रयोग का के काम चला लेला. एसे ई होला की हमनीका लाल बुझक्कड़ होक रही जिले जा.

अब बताईं कि महिला पुरुष के समाज में एके स्थिति बा. एक तरह के अधिकार बा. एके समान मजदूरी बा. घर में पानी मांगे के हो त केसे कहल जाला. अबो तमाम लोग बा जे मानेला की मेहरारुन के बुद्धि ना होला. उनुका गणित ना आवेला. त्रिया चरित्र के बात लोग कहत रहेला. पुरुष के चरित्र में उहे बाति बड़ाई हो जाई महिला खातिर बाउर. त महिला आ पुरुष अपनी अपनी मन में  झांकि के देखे कि का करेके चाही. तब शायद सबका कुछु अजोर होई. एकरी ख्जातिर ई जाने के परी की देश विदेश की मेहरारुन के का समस्या बा आ ओकर समाधान के खोज पूरी दुनिया के लोग कौनी तरह से करता.

अखबार, टी वी , सोसल मीडिया के पहुँच अबे बहुत कम लोग तक बा. पढ़ल लोग परीक्षा तक के पढ़ाई तक से मतलब राखेला. अबे त हमनीका अपनी अधिकार की बारे में जानते नईखी जां त महिला की बारे में कैसे सोचल जाई. लेकिन ४७ से १८ तक आवत आवत भारत में तस्वीर बहुत बदली गइल बा. बाकी, प्रधान पति और प्रधान पुत्र के रुक्का अब्बो चलता. एसे हाकिम लोग के भी फ़ायदा बा आ राज दल की नेता लोग के भी.

आज बिहाने से हमरी दिमाग में काम वाली दाई लोग के चेहरा नाचता. स्कूटी पर सवार वर्किंग क्लास के महिला, तथा पढ़े जाये वाली लड़की लोग के चेहरा भी आवता. पूना की निर्माणाधीन बिल्डिंग में अपनी लइकन के लेके काम करे वाली महिला के चित्र भी घूमता. सड़ाक पर गिट्टी फेंकत महिला के चित्र भी बा.  गाँव देहात ,में खेत में मजूरी करे वाली महिला के चित्र भी बा. अपनी चचेरी दादी, माता. बहन पत्नी, बेटी सबकर चित्र सामने नाचता. कहाँ से समता समानता आई. अबे लड़ाई भारी बा.

सबका आपन आपन लड़ाई लड़के पड़ी. अशिक्षा से लड़ाई, अंधविश्वास से लड़ाई, समानता की अधिकार के लड़ाई, मजूरी के लड़ाई. मानव बनला के लड़ाई.

जब सब जागे लागल त राजतन्त्र गईल , असमानता भी जाई, लागल रहे के चाही.

ए.बी.ए. देर हो गईल.

फेरु भेंट होई.
नमस्कार,

मंगलवार, 16 जनवरी 2018

मौनी अमवसा

नमस्कार,
हालि चालि ठीक बा,खिचड़ी निमने निमने बीति गईल. आजु मौनी अमवसा ह माने माघ के अमावसा. पहिले गांव में एगो दूर के फूआ अईली आ माघ में पूरा महीना चुपचाप उठिके नहा छू के तब बोले के बात माई के सिखा गईली. तब हमनीका माई कहींजा. बाद में अम्मा कहे लगली जा. तब माने सन साठि की ऊपर नीचे. बाद में देउरिआ (देवरिया उ.प्र.) अन्तर्राष्ट्रीय विश्व भोजपुरी सम्मेलन हो गईल आ अब त यम ए में  भोजपुरी के पर्चा बा. बनारस की बीयचयू में हिन्दी के बोलबाला बा. कबो कबो लागेला की एकर व्याकरण कईसे बनी ई त चारि कोस माने मोटा मोटी बारह किलोमीटर में आपन रूप बदलि ले ले. बड़का पंडित लोग लागल बा त कुछु सोचले होई. बात बहकि गईल ह बात त मौनी अमवसा के होत रहल ह. आजु भारत देश में तमाम जगह नहान लागल होई. प्रयागराज (इलाहाबाद संगम ) में कल्पवासी लोग मौन नहान करेला. आस्था आ विश्वास के जुग बा ना त विश्वगुरु के सपना देखे वाला भारत विज्ञान में एतना पीछे काहे रहित.

उत्तर प्रदेश में एतनी घरी गोरखनाथ बाबा मठ के महन्थ जी प्रदेश के मुख्यमन्त्री बाड़े.  गोरखनाथ मन्दिर के खिचड़ी मेला प्रसिद्ध ह. पूर्वांचल के सब लोग जाने ला. असो गोरखपुर में बड़ी धूमधाम से गोरखपुर महोत्सव मनावल गईल ह. भारत के लोग चार्वाक के अऊरी बात चाहे मनले होखे चाहे नाहीं बाकी कर्जा काढ़ि के उत्सव मानावेके बाति पर जरूर अमल क लीहल. त सरकार का उत्सव मनावहि के चाही. लोगबाग ईहे कुलि चाहेला. कम्निस्टवा कुल ना खईह स ना खाये के जाने ने स. त ऊ हल्ला मचइबे करिहे स. सेकुलरवन का कुछु ना बुझाई त कहिंह स कि इन्सेफेलाइटिस से लईका मरताड़े स आ महोत्सव मनावल जाता. कुछु विद्वेषी जरत जरत कहताड़े स कि अबे लईकन के सुईटर ना बटाइल आरे लईकन के जाड़ कहीं छूवेला का. कुलि मिलाके गोरखपुर के खिचड़ी मेला जमी गईल रहित बाकी असो बहुते जाड़ा पड़ता.

ए माघ में मौन नहईला के महत्व ह. नहाके दान देके बोलला में कवनो हर्ज ना ह. खेती के कार ठप्पे रहेला कौड़ा के गलचऊर आ मेला के गलचऊर में मजा बा. शहर में नवका कउड़ा व्हाट्सप बनि गईल बा. एमे बड़ा गर्मी बा. अब अखबार टीवी सब फेल बा सब सोसल मीडिया पर जमल बा. ई नवका स्मार्ट फोन जबसे चलल बा बढ़्ते जाता. तरकारी के छोड़ि के डाटा पैक किनाता. बस जौन मन करे तौन गुल छर्रा उड़ता. पिछला चुनाव से मोदी जी चुनाव के हाईटेक क दिहले. आप के आइआइटी के लोग बड़ा बनत रहे. अब ऊ लोग बिल्कुल फेल बा. मोदी जी के सगरी कार्यकर्ता दन दन दन दन सोसल मीडिया पर सुति की उठला से सुतले तक के बाति बतावत रहेला. सब पार्टी के लोग अबे सीखी सीखी तबले गुम हो जाई लो.

ए मौन वाला महीना में लगभग हरदम मौन रहेवाला सुप्रीम कोरट के चारि जज लोग बोल दीहल कि काम के बंट्वारा ठीक नईखे. अखबार टीवी त पीछे रहि गईल फोनवा गजब क दीहलसि. घंटा भरि में सब उदिया गुदिया हो गईल. कुछु लोग लगावे में लागल कुछु लोग बुझावे में लागल कुछु लोग जे समझदार रहे ऊ समझावे में लागल. बस एतना हो गईल की खूब राखी डालि के धधकल कऊड़ा के तोपि के लोग चलि दीहल. जे बाद में हाथ सेंके आईल ओकरा निराशा हाथ लागल.सब जज आ बड़्का वकील नेता लोग मिलि मामला सुलटा लिहल ह लोग.

ए मामला में एगो मामला जुड़ल रहल ह. एगो जज रहले नेवता में गईले. ओही जू का जाने कईसे मरी गईले की मारि गईलें. उनके साथी लोग उनुके बम्बई से ले गईल आ उनुकी गांवे पहुंचा दिहलस. कुछु दिन की बाद कुछु लोग के ना सहि गईल त  बोले लागल. फेरू हल्ला मचल. तले जज के लईका कही दिहलस की जौन भईल तौन भईल हमनी के चैन से जीये द लोग.

अब्बे ई चलते रहल तले फायरब्रांड माने अगियाबैताल नेता गायब हो गईलें. उनुकी रक्षा में देश के सबसे बड़्की सुरक्षा बल रहल बाकी ऊ ओ लोग के चकमा दे के गायब होके एगो अस्पताल में भर्ती होके कहतारे की लोग उनुके मुआवेके खोजता. अब देखी जे रोज मरे मारे के बाति कहत रहल ह, ऊहे मरले की डर से रोवत रहल ह.

ई चर्चा ए लिये करतानी की इ लोग आपन बाति ओ लोगनि से कहल जौन लोग हर बाति के दुनिया की कोना कोना में पहुंचा देला. अब ई नवका कऊड़ा वाला माने स्मार्ट फोन वाला लोग लागल बा. अब सब एतना डबरा हो गईल बा कुछऊ बुझाते नईखे.

औरु कुल हालि चालि रऊरा सभन की आसिर्वाद से ठीक बा. नजर बनवले रहबि सभे. फेरू भेंट होई. आजु बहुत दिन की बाद ई ब्लाग भेंटा गईल ह त २०१८ में खरवास की बाद रऊरा सभन से बाति हो गईल ह.

दुनु हाथ जोरि के नमस्कार.