शनिवार, 10 मई 2014

सझिया के जनता

नमस्कार!
हालिचालि ठीके बा.
गर्मी, चुनाव आ लगन तीनों जोर पर बा. तीनों के जोर बढते जाई. अबे जून आ मृगिश्रा बाकिये बा, वोट गिनाई, सरकार बनी, मंत्रिमंडल के गठन आ घोडाबाजार बाकिये बा. लगन जुलाई ले बा. त कुलि मिलाके शुभे समाचार बा.
भारत के जनता से कर लेबेके मालिक सभे बा. बाकिर जब काम के समय आवता त केन्द्र कहता कि प्रान्त के जिम्मेदारी, प्रान्त कहता जिला परिष्द, नगर परिषद आ ग्राम पंचायत सब दूसरे पर जिम्मेदारी ठेलि देता. आ सब कहता कि हम पैसा दिहनी बाकिर ई कुछु ना कईले आ खा घलले.
वोट की बेरी खाली विकास बा. बाकी समय नेताजी के विकास बा. सब कहता बडा खर्चा कईले रहल ह मुर्गा खियवले रहल ह त वसूली ना. उ कहता पईसा लगा तब पईसा आवता सभे कमाता त हमहूं कमातानी. जनता के छोटे छोटे काम बा ऊ नेता लोगनि की ओर लरियाइल बा.
बडका चुनाव होता. खूब लहालोट बा सब लोग विकास करी .केजरीवाल बाबू भ्रष्टाचार के विनास करिहें. लोग कहता बताई ई कईसे होई. भ्रष्टाचार कब ना रहे आ कब ना रही. सब लोग कहता कि दूसरा पार्टी भ्रष्ट ह.
अब जे प्रधानमंत्री होई त ऊ सगरी कार अकेले क दी कि उहो इहे कही कि ई हमार काम ना ह. आकि प्रान्त के सब अधिकार मेति जाई.
बहस गईल  बन में,
सोची अपनी मन में,
तब मोहरि मारि तानि के,
अपनी निशान पे,
जीति चाहे हारी,
ए पर मति विचारीं.
फेरू भेंट होई.